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अठन्नीयाँ

खूँटी पर टॅंगी
पिताजी के पैंट की जेब मे,
ऐरियाँ उचकाकर,
जब भी हाथ सरकाता रहा,
नोटों के बीच दुबकी हुई,
अठन्नी हाथ आती रही,
जैसे आज फिर  आई हो क्लास,
बिना होमवर्क किए,
और छुप कर जा बैठी हो,
कोने वाली सीट पर !


और हर दफ़ा,
बहुतेरे इरादे किए,
के गोलगप्पे खा आऊंगा
चौक पर से या,
बानिए की दुकान से,
खरीद लाऊँगा चूरन की पूडिया,

क्योंकि सोनपापडी वाला अठन्नी की,
बस चुटकी भर देता है,
और गुब्बारे से तो गुड़िया खेलती है,
मैं तो अब स्याना हो गया हूँ.

या फिर,
ऐसा करता हूँ 
के चुप चाप रख लेता हूँ इसे,
अपने बस्ते की उपर वाली चैन मे,
के जब भी आनमने ढंग से,
पेंसिल ढूँढने कुलबुलाएँगी उंगलियाँ,
शायद सिहर जाएँगी,
इसके शीतल स्पर्श से.



पर अभी अभी 
वो बर्फ वाला आया था,
तपती दुपहरी मे,
अपना तीन पहिए वाली गाड़ी लुढ़काते,
और ले गया है वो अठन्नी ,
उस गुलाबी वाली बर्फ के बदले,
जिसकी बस सीक़  बची है,
बर्फ पिघल चुकी है,
कुछ ज़बान पर,
कुछ हाथो मे,
और फिर से अठन्नी हो गयी है,
इस जेब से उस जेब,
ठीक उम्र की तरह!

जाने कितने सिक्के बचे हैं ,
ज़िंदगी की जेब मे,
जेबें बदलनी की,
मुराद से,
और छोड़ जाने को 
ज़बान पर थोड़ी सी ठंडक,
और हाथो मे
एक नाकाम सी सीक!

खैर हाथ सरका कर,
एक और अठन्नी,
निकाल ही लाते हैं.

२६ अगस्त को अपनी वर्षगाँठ पर कुछ ऐसा ही एहसास हुआ की वक़्त की अठन्नीयाँ इस जेब से उस जेब किए जा रहा हूँ बहुत  भारी मात्रा मे औचित्यहीन मंथन के उपरांत. वहीं से प्रेरित ये रचना आपके सम्मुख! :)

Comments

  1. बहुत खूब अट्ठन्नी!

    ReplyDelete
  2. Just Awesome !! Deliberately i have been delaying reading this . Some times when something is too beautiful u need time to assimilate and react
    The poem very much summarizes our lives from Childhood till today !!

    ReplyDelete
  3. I think अठ्न्नी refers to ray of hope on which we have hanged many of our moments and will keep doing so !! I remember i wrote some day :

    Hope is a good thing if you keep it
    Hope is a good thing if U keep it
    But I am obsessed with it
    Sometimes i don't even try for things I love
    Just to keep hope alive

    ReplyDelete
    Replies
    1. True,Sometimes We don't even try for things we love Just to keep hope alive. Quoting Andy Dufresne , hope is a good thing, maybe the best of things, and no good thing ever dies.

      Delete
  4. And it also signifies the moments of life the moments which we savour life long and then wait for them to come alive again

    अठन्नियाँ कुछ भींच रक्खी है अरमानों की मुट्ठी में
    बीते वक़्त के साथ पकड़ गहरी हो चली है
    उम्र खर्च हो चली है...अब तो गिनते सहजते

    ReplyDelete

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