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दिल तो बेवकूफ़ है जी!


बड़ी हसरत थी कि किसी की मद भरी आखों पे लिखूं,
कुछ बूँदों सी कमसिन,पर बारिस सी हसीन बातों पे लिखूं,
पर ये साली feeling कभी आती ही नहीं!

अक्सर लोगों को सुना था इश्क़ मे शायर होते,
हम मुकम्मल शायरी की खातिर आशिक़ी कर बैठे!
लगनी तो खैर दोनो ही सूरत मे थी!

और फिर एक दिन! कहत किशोर सुनहु मेरे भाई,
दिल की झोपड़ी मे साली feeling सी आई,
ठीक वैसे जैसे  दातों के बीच कुछ रेशा सा फँस गया हो.

आख़िरकार हमने भी गब्बर अंदाज़ मे उनसे हाथ माँग लिया,
वो भी ठुकरा कर कह बैठे,अब तेरा क्या होगा कालिया?
अपनी शोले भी रामू की आग बनकर रह गयी!

तब से अब तक वो उस अंधेर झोपडे मे खामोश सी बैठी है,
दाँतों मे अभी तलक़ कुछ फँसा हुआ है शायद..
अब ये feeling साली   जाती ही नही.!



Comments

  1. अब ये फीलिंग साली जाती ही नहीं ....
    वाह
    बहुत खूब




    'सी.एम.ऑडियो क्विज़'
    हर रविवार प्रातः 10 बजे

    ReplyDelete
  2. लेखन अपने आप में ऐतिहासिक रचनात्मक कायर् है। आशा है कि आप इसे लगातार आगे बढाने को समपिर्त रहें। शानदार पेशकश।

    डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
    सम्पादक-प्रेसपालिका (जयपुर से प्रकाशित हिंदी पाक्षिक)एवं
    राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
    0141-2222225 (सायं 7 सम 8 बजे)
    098285-02666

    ReplyDelete
  3. इस सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  4. हिन्दी ब्लाग जगत में आपका स्वागत है, कामना है कि आप इस क्षेत्र में सर्वोच्च बुलन्दियों तक पहुंचें । आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके अपने ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या बढती जा सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको मेरे ब्लाग 'नजरिया' की लिंक नीचे दे रहा हूँ आप इसका अवलोकन करें और इसे फालो भी करें । आपको निश्चित रुप से अच्छे परिणाम मिलेंगे । धन्यवाद सहित...
    http://najariya.blogspot.com/

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  5. sabhi ka sukriya...aapke sneh bhre shabdon k liye!:)

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